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UGC नेशनल स्कॉलरशिप फ़ॉर परास्नातक स्टडीज़: ₹१.५ लाख सालाना, ३१ अक्टूबर अंतिम तिथि

अगर आपने इसी साल मास्टर्स में दाख़िला लिया है, उम्र ३० साल से कम है और आप रेगुलर फ़ुल-टाइम पढ़ रहे हैं, तो UGC साल में १० महीने ₹१५,००० प्रति माह देता है — यानी ₹१,५०,००० सालाना, २ साल तक। १०,००० स्कॉलरशिप, चयन अखिल भारतीय मेरिट पर, ३०% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित और वे सीटें पहले सिंगल, जुड़वाँ तथा सहोदर बेटियों से भरी जाती हैं। दिशानिर्देशों में कोई आय सीमा नहीं है। आवेदन १६ सितंबर को खुले और ३१ अक्टूबर २०२६ को बंद होंगे।

अंतिम तिथि ३१ अक्टूबर २०२६ · ३८ दिन बाक़ी

स्कॉलरशिप की जानकारी

कौन देता हैविश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) · संपूर्ण भारत
प्रकारकेंद्र सरकार
स्तरस्नातकोत्तर
कितना मिलेगासालाना ₹१,५०,०००, २ साल तक
आय सीमाकोई सीमा नहीं। कोई भी पारिवारिक आय
शुरू१६ सितंबर २०२६
अंतिम तिथि३१ अक्टूबर २०२६ · ३८ दिन बाक़ी
जाँची गई२३ सितंबर २०२६
आवेदन कहाँscholarships.gov.in ↗ (आधिकारिक वेबसाइट, आवेदन की एकमात्र जगह)

कौन आवेदन कर सकता है · पात्रता

स्नातकोत्तर

📅 ज़रूरी तारीख़ें

शुरू१६ सितंबर २०२६
अंतिम तिथि३१ अक्टूबर २०२६ · ३८ दिन बाक़ी
जाँची गई२३ सितंबर २०२६

आवेदन से पहले

यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नेशनल स्कॉलरशिप फ़ॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज़ है। यह भारत में पढ़ने वाले पोस्ट-ग्रेजुएट छात्र को साल में १० महीने ₹१५,००० प्रति माह देती है — यानी ₹१,५०,००० सालाना — २ साल तक। UGC हर साल इनमें से १०,००० स्कॉलरशिप देता है, "या जितनी आयोग तय करे"। आवेदन नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर होते हैं, और २०२६-२७ के लिए विंडो १६ सितंबर २०२६ को खुली और ३१ अक्टूबर २०२६ को बंद होगी।

कौन आवेदन कर सकता है

  • आपका परास्नातक डिग्री कोर्स के पहले वर्ष में दाख़िला हो चुका है। आवेदन दाख़िले के बाद होता है, पहले नहीं
  • यह आपकी पहली पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री है। अगर आपके पास पहले से कोई परास्नातक डिग्री है, तो आप पात्र नहीं हैं
  • अपने पहले सेमेस्टर या वर्ष में दाख़िले की तारीख़ को आपकी उम्र ३० साल से कम है
  • आप रेगुलर, फ़ुल-टाइम मोड से पढ़ रहे हैं। ओपन, दूरस्थ, पत्राचार, प्राइवेट और पार्ट-टाइम छात्र पात्र नहीं हैं
  • आपका कोर्स एक मान्यता प्राप्त परास्नातक डिग्री है, जिसका नाम और अवधि UGC की Specification of Degrees, २०१४ अधिसूचना (यथासंशोधित) के अनुरूप है
  • आपकी स्नातक डिग्री ऐसे संस्थान से है जो UGC अधिनियम, १९५६ की धारा २(f) या धारा ३ के तहत मान्यता प्राप्त है, या धारा २२(१) के तहत निर्दिष्ट डिग्री देने के लिए अधिकृत है
  • इंटीग्रेटेड कोर्स में स्कॉलरशिप केवल परास्नातक हिस्से के लिए मिलती है

कोई आय सीमा नहीं है, और दिशानिर्देश जाति या समुदाय पर कुछ नहीं कहते

नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल की किसी योजना के लिए यह असामान्य है, इसलिए इसे साफ़ कहना ज़रूरी है। UGC के दिशानिर्देशों में पारिवारिक आय की कोई सीमा है ही नहीं, इसलिए जो छात्र पोस्ट-मैट्रिक योजनाओं की ₹२.५ लाख की सीमा से बाहर हो जाता है, वह भी यहाँ आवेदन कर सकता है। सीटें भारत सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार आवंटित होती हैं, पर योजना किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है। चयन अंकों पर होता है।

आपका संस्थान इन चार में से एक होना चाहिए

  • UGC अधिनियम, १९५६ की धारा २(f) के अंतर्गत आने वाला विश्वविद्यालय, कॉलेज या संस्थान, जिसके पास वैध NAAC मान्यता हो
  • UGC अधिनियम, १९५६ की धारा ३ के तहत डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी, जिसके पास वैध NAAC मान्यता हो
  • केंद्र या राज्य सरकार द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित संस्थान, जो डिग्री देने के लिए अधिकृत हो
  • राष्ट्रीय महत्व का संस्थान (Institution of National Importance)

आपके संस्थान के पास वैध AISHE कोड भी होना चाहिए — उसके बिना वह आपका सत्यापन करने के लिए पोर्टल तक पहुँच ही नहीं सकता। AISHE कोड वाला संस्थान ज़िला या राज्य नोडल अधिकारी के ज़रिए पोर्टल पर पंजीकरण या पुनः पंजीकरण कराता है।

१०,००० सीटें कैसे बँटती हैं

  • आरक्षण — सीटें भारत सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार आवंटित होती हैं
  • महिलाएँ — ३०% सीटें महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं
  • पहले सिंगल, जुड़वाँ और सहोदर बेटियाँ — महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें पहले सिंगल, जुड़वाँ या सहोदर बेटियों से भरी जाती हैं, और दिशानिर्देश साफ़ कहते हैं कि यह "उनके स्नातक परीक्षा के अंकों पर विचार किए बिना" होता है। बची हुई सीटें फिर मेरिट से भरी जाती हैं
  • विषयों का बँटवारा — हर श्रेणी की ५०% सीटें कला, मानविकी और सामाजिक विज्ञान, विधि तथा प्रबंधन के लिए निर्धारित हैं; बाकी ५०% विज्ञान, इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, तकनीकी, कृषि और वानिकी कोर्सों के लिए
  • बराबरी — मेरिट सूची के सबसे निचले स्तर पर दो अभ्यर्थी बराबर हों तो स्नातक के अंक तय करते हैं। फिर भी बराबरी रहे तो कक्षा १२ के अंक

आप क्या अपलोड नहीं करते

आपको पोर्टल पर कोई प्रमाणपत्र या शपथपत्र अपलोड नहीं करना होता। इसके बजाय आप अपने दस्तावेज़ अपने संस्थान को देते हैं, जो उनके आधार पर आपके ऑनलाइन आवेदन का सत्यापन करता है। संस्थान प्रमाणपत्र और शपथपत्र माँग सकता है, जिनमें जाति या श्रेणी प्रमाणपत्र भी शामिल है यदि आपने किसी श्रेणी के तहत आवेदन किया है, और वह उन्हें स्कॉलरशिप की अवधि तथा उसके बाद २ साल तक रखता है। UGC किसी भी छात्र के दस्तावेज़ कभी भी माँग सकता है।

बैंक खाता ही वह जगह है जहाँ बात बिगड़ती है

पैसा डीबीटी के ज़रिए PFMS से सीधे आपके बैंक खाते में आता है, और पहचान के लिए आधार अनिवार्य है। खाता KYC-अनुपालन वाला और आपके अपने नाम पर होना चाहिए — माता-पिता के नाम पर नहीं। दिशानिर्देश चेतावनी देते हैं कि चयनित छात्र को भी भुगतान नहीं हो पाता अगर नाम, खाता संख्या या IFSC कोड मेल न खाए। अगर ऐसा खाता नहीं है, तो फ़ॉर्म भरने से पहले खुलवा लीजिए।

एक समय पर एक ही स्कॉलरशिप

आप एक समय पर केवल एक स्कॉलरशिप रख सकते हैं, और आपको घोषित करना होता है कि इसे रखते हुए आप किसी और स्रोत से कोई दूसरी स्कॉलरशिप, फ़ेलोशिप, नियुक्ति, वेतन या स्टाइपेंड नहीं लेंगे। अगर आपको पहले से कोई स्कॉलरशिप मिल रही है तब भी आप आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते आप उसे घोषित करें — पर चयन होने पर आपको दोनों में से एक छोड़नी होगी। कहीं और आवेदन करने के लिए UGC से अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं चाहिए; वहाँ चयन हो जाए तो आप इससे इस्तीफ़ा देते हैं।

पोर्टल पर दी तिथियाँ

  • १६ सितंबर २०२६ — आवेदन खुले
  • ३१ अक्टूबर २०२६ — छात्रों के आवेदन की अंतिम तिथि
  • १५ नवंबर २०२६ — त्रुटिपूर्ण आवेदनों को सुधारने और आपके संस्थान द्वारा सत्यापन की अंतिम तिथि
  • ३० नवंबर २०२६ — ज़िला, राज्य और मंत्रालय स्तर के सत्यापन की अंतिम तिथि

परिणाम सामान्यतः उसी वर्ष नवंबर या दिसंबर में घोषित होते हैं, पोर्टल पर और ugc.ac.in/notices पर।

नवीनीकरण

  • स्कॉलरशिप आपके बाक़ी कोर्स के लिए हर साल नवीनीकृत होती है, बशर्ते आचरण ठीक हो और संस्थान की तय उपस्थिति पूरी हो
  • अगले वर्ष आप ख़ुद पोर्टल पर नवीनीकरण के लिए आवेदन करते हैं
  • अगले वर्ष में प्रोन्नत न हुए तो स्कॉलरशिप चली जाती है
  • आप अपना कोर्स या संस्थान नहीं बदल सकते। बदला तो बदलने की तारीख़ से स्कॉलरशिप बंद हो जाती है

आवेदन कहाँ करें

नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल, scholarships.gov.in पर। Central Sector Schemes के अंतर्गत यह योजना UGC के नीचे "National Scholarship For Post Graduate Studies (Merit Based Scheme)" नाम से दर्ज है। अगर आपने वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) नहीं किया है, तो पहले वह पूरा कीजिए।

२३ सितंबर २०२६ को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के स्कीम बोर्ड, ugc.gov.in पर UGC के अपने स्कीम पेज (जो ख़ुद २३ सितंबर २०२६ को अपडेट हुआ) और पोर्टल पर मौजूद UGC दिशानिर्देशों के विरुद्ध जाँचा गया। तिथियाँ बिना सूचना बदलती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि कर लें।

हर अंतिम तिथि हम उसके आधिकारिक स्रोत पर दोबारा जाँचते हैं। तारीख़ बदली, तो यह पेज भी बदलेगा। हम हर तारीख़ कैसे जाँचते हैं

प्रकाशित २३ सितंबर २०२६.

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